back to top

सपा अध्यक्ष सच में धार्मिक हैं तो श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर खुलकर बोलें : सीएम योगी

हाथरस। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर कड़ा प्रहार किया है। सीएम ने कहा कि अयोध्या को धार्मिक नगरी बनाने की बात करने वालों को पहले अपना इतिहास देखना चाहिए। जिस समाजवादी पार्टी की सरकार ने रामभक्तों पर गोलियां चलवाईं, राम जन्मभूमि आंदोलन का विरोध किया, कृष्ण जन्माष्टमी के आयोजनों पर रोक लगाई और कांवड़ यात्रा तक प्रतिबंधित कर दी, वह आज अयोध्या को धार्मिक नगरी बनाने की बात कर रही है।


मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को हाथरस, सिकंदराराऊ व सादाबाद विधानसभा क्षेत्र में 548 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 143 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास किया। वहीं लाभार्थियों को आवास की चाभी, स्मार्ट फोन, युवा उद्यमी योजना के तहत चेक वितरित किए। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने विभिन्न विभागों की प्रदर्शनियों का निरीक्षण किया। इस दौरान स्टॉल के पास एक नन्ही बच्ची को चम्मच से दूध पिलाया, गोद में लेकर दुलार किया। सीएम योगी ने कहा अखिलेश यादव का बयान पढ़कर आश्चर्य हुआ, जिसमें उन्होंने कहा था कि उनकी सरकार बनने पर अयोध्या को धार्मिक नगरी बनाया जाएगा।

उन्होंने कहा, अरे, आप क्या धार्मिक नगरी बनाएंगे। पहले अपना इतिहास देखिए। आपकी ही समाजवादी पार्टी की सरकार ने रामभक्तों पर गोलियां चलाई थीं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आज अयोध्या त्रेता युग की स्मृतियों को साकार करती दिखाई दे रही है। रामभक्तों के परिश्रम और पुरुषार्थ से अयोध्या विश्वभर के श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनी है। ऐसे में अब समाजवादी पार्टी को भी अयोध्या की याद आने लगी है। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी की सरकार ने थानों और जेलों में होने वाले श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के कार्यक्रम तक बंद करा दिए थे। कांवड़ यात्रा पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया था।

अब हाथरस में 22 से अधिक मंदिरों का सौंदर्यीकरण कराया गया है, लेकिन यह कार्य समाजवादी सरकार में कभी संभव नहीं था। तब यही पैसा कब्रिस्तानों की बाउंड्रीवाल बनाने में खर्च होता था। हमने वही पैसा मंदिरों की ओर डायवर्ट किया है। कब्रिस्तानों की नहीं, मंदिरों की आवश्यकता है क्योंकि मंदिर हमारी आस्था के केंद्र हैं। मुख्यमंत्री ने अखिलेश यादव को सलाह देते हुए कहा कि वे अयोध्या की चिंता छोड़ दें क्योंकि अयोध्या अपनी पहचान के लिए किसी की मोहताज नहीं है।

अखिलेश जी, अयोध्या को रामभक्तों ने सजाया और संवारा है। आप उसकी चिंता मत करिए। पश्चाताप कर एक बार रामलला के दर्शन कर लीजिए, शायद सद्बुद्धि आ जाए। सपा वास्तव में धार्मिक आस्था का सम्मान करना चाहती है तो उसे खुलकर मथुरा-वृंदावन और श्रीकृष्ण जन्मभूमि के पक्ष में बोलना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस तरह राम जन्मभूमि मुक्ति आंदोलन चला था, उसी प्रकार श्रीकृष्ण जन्मभूमि की मुक्ति के लिए भी अभियान चलाने की बात समाजवादी पार्टी को खुलकर करनी चाहिए।

योगी ने कहा कि उनकी सरकार श्रीकृष्ण जन्मभूमि आने वाले श्रद्धालुओं को सभी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए युद्धस्तर पर कार्य कर रही है। लेकिन समाजवादी पार्टी में इतनी हिम्मत नहीं है क्योंकि उसका पूरा एजेंडा केवल तुष्टिकरण की राजनीति तक सीमित है। अखिलेश जी, आपमें हिम्मत नहीं है। आप तो मुल्ला-मौलवियों के सामने घुटने टेकने के अलावा कोई ऐसा एजेंडा नहीं रखते जो प्रदेश के विकास, अयोध्या, मथुरा और काशी के उत्थान तथा उनकी पौराणिक पहचान को मजबूत करने का हो। जनता की आंखों में धूल झोंकना बंद करिए। ‘खिसियानी बिल्ली खंभा नोचे’ वाली कहावत को चरितार्थ मत करिए। अयोध्या की पहचान पूरी दुनिया में है और उसे किसी राजनीतिक दल के प्रमाणपत्र की आवश्यकता नहीं है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के गठबंधन को भी निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव के दौरान दोनों दल संविधान बचाने की बात कर रहे थे, जबकि देश में संविधान की सबसे बड़ी हत्या कांग्रेस ने 25 जून 1975 को आपातकाल लगाकर की थी। कांग्रेस ने बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर द्वारा बनाए गए संविधान का गला घोंटा था। उस समय लोकतंत्र की आवाज उठाने वाले सभी विपक्षी नेताओं को जेल में डाल दिया गया था।

जयप्रकाश नारायण, राज नारायण, अटल बिहारी वाजपेयी, लालकृष्ण आडवाणी, डॉ. मुरली मनोहर जोशी, मुलायम सिंह यादव, लालू प्रसाद यादव और कल्याण सिंह जैसे तमाम नेताओं को कांग्रेस सरकार ने जेल में बंद कर दिया था ताकि वे जनता के बीच जाकर कांग्रेस का विरोध न कर सकें। एक लाख से अधिक लोगों की गिरफ्तारियां हुई थीं। मुलायम सिंह यादव का भी कांग्रेस ने अपमान किया था और उन्हें जेल भेजा था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लाभार्थियों दुर्गेश कुमार, चंद्र प्रकाश, प्रीति, सोनिया, ज्योति, मीना देवी, राधा देवी, विमल राजू, ममता, मार्गश्री को अपने हाथ से आवास की चाभी, चेक, आयुष्मान कार्ड स्मार्टफोन फोन दिया।

RELATED ARTICLES

यूनाइटेड किंगडम की मॉली मैरी बक्ली ने जीता ‘मिस ओशियन वर्ल्ड 2026’ का खिताब

मुंबई। मिस ओशियन वर्ल्ड 2026 के ग्रैंड फिनाले में यूनाइटेड किंगडम की मॉली मैरी बक्ली ने मिस ओशियन वर्ल्ड 2026 का खिताब अपने नाम...

केरल की केजिया लिज मेजो बनीं मिस यूनिवर्स इंडिया 2026

मुंबई। केजिया लिज मेजो को मिस यूनिवर्स इंडिया 2026 का क्राउन पहनाया गया। केरल की केजिया लिज मेजो ने मिस यूनिवर्स इंडिया-2026 का खिताब...

भाजपा सांसद कंगना रनोट ने आलोचकों पर साधा निशाना

मुंबई। भाजपा सांसद और एक्ट्रेस कंगना रनोट ने आलोचकों पर निशाना साधा। उन्होंने आशुतोष राणा, सोनू सूद, राखी सावंत और तापसी पन्नू का नाम...

रक्षाबंधन पर्व : राखी बांधकर बहनों ने भाइयों से लिया रक्षा का वचन

लखनऊ। शुक्रवार को भाई-बहन के अटूट प्रेम का प्रतीक रक्षाबंधन हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। बहनों ने भाई को तिलक लगाकर कलाई पर रक्षा...

251 जोड़ों ने एक साथ किया आचार्य सुबल सागर महाराज का ‘पड़गाहन’

लखनऊ। रक्षाबंधन के पावन पर्व पर राजधानी लखनऊ के इंदिरा नगर स्थित जैन मंदिर में एक अलौकिक और ऐतिहासिक दृश्य देखने को मिला। यहाँ...

इस्कॉन मंदिर में धूमधाम से मना बलराम पूर्णिमा महा महोत्सव

लखनऊ। अंतराष्ट्रीय कृष्ण भावनामृत संघ (इस्कॉन) मंदिर, लखनऊ में प्रत्येक वर्ष की तरह इस वर्ष भी शुक्रवार को श्री बलराम पूर्णिमा महा महोत्सव धूम-धाम...

आशियाना जैन मंदिर में रक्षाबंधन पर्व पर लोगों ने लिया मुनियों की रक्षा का वचन

भगवान श्रेयांसनाथ का मोक्ष कल्याणक धूमधाम से मनाया गया लखनऊ। आशियाना दिगंबर जैन मंदिर में चल रहे वषार्योग के दौरान रक्षाबंधन पर्व श्रद्धा एवं भक्ति...

कजरी तीज कल, सुहाग के लिए महिलाएं रखेंगी व्रत

लखनऊ। कजरी तीज हिंदू धर्म के प्रमुख व्रत-त्योहारों में से एक है, जिसे सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र, सुखी वैवाहिक जीवन और...

भाई-बहन के प्यार का प्रतीक रक्षाबंधन आज, बाजार गुलजार

पंचांग के अनुसार 28 अगस्त को राखी बांधने का शुभ समय सुबह 5 बजकर 57 मिनट से 9 बजकर 48 मिनट तक रहेगा लखनऊ। भाई-बहन...