मनोज बाजपेयी
लखनऊ। कराची (पाकिस्तान) में बैठे देश के मोस्ट वांटेड माफिया डॉन दाऊद इब्राहिम, छोटा शकील और अनीस इब्राहिम की उल्टी शुरू हो गयी है। डी कम्पनी के खालिस्तानी आतंकियों और पंजाब के कुख्यात गैगस्टरों से गठजोड़ के होने के पुख्ता सबूत मिलने के बाद एनआईए ने दाऊद इब्राहिम और उसके करीबियों की धरपकड़ के लिए नये सिरे से कमर कसना शुरू कर दिया है। विश्वस्त सूत्रों की मानें तो इस गठजोड़ को नेस्तनाबूत करने के लिए एनआईए ने एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है, जिसमें देश के खिलाफ काम करने वाले इन माफिया और गैंगस्टरों के खात्मे के लिए आगामी रणनीति तय की जायेगी।
नेशनल इन्वेस्टीगेशन एजेंसी (एनआईए) ने हाल ही में 41 गैगस्टरों की सूची जारी की थी, जिनके अंतर्राष्ट्रीय माफिया डॉन दाऊद इब्राहिम से कनेक्शन हैं और जो देश के लिए खतरा बने हुए हैं। ये सभी दाऊद के इशारे पर देश में आतंक फैला रहे हैं। एनआईए ने अपनी गोपनीय रिपोर्ट में कहा है कि इन 41 गैंगस्टरों में खालिस्तानी आतंकियों से लेकर पंजाब के कई खूंखार गैंगस्टर शामिल हैं। इनमें कई कनाडा और अन्य देशों में शरण लिये हुए हैं और देश के खिलाफ लगातार साजिशें रचने का काम कर रहे हैं।
एनआईए के मुताबिक वर्तमान समय में पंजाब के चार गैंगस्टर ऐसे हैं जो सीधे तौर पर दाऊद से जुड़े हुए हैं और उन्हें लगातार पाकिस्तान से फंडिंग हो रही है। इन चार गैंगस्टरों में नंबर वन पर लॉरेंस विश्नोई, दूसरे नंबर पर लवली सिंह फिर गोल्डी बराड़ और अर्श डल्ला हैं। एनआईए के अफसर के मुताबिक दाऊद के खालिस्तानी कनेक्शन की जानकारी होने पर सात माह पूर्व एक गोपनीय टीम दुबई भेजी गयी थी।
इस टीम ने अपने सूत्रों और जगह-जगह की गयी जांच के आधार पर कई पुख्ता जानकारियां हासिल की थीं। इसके बाद से एनआईए देश की अन्य जांच एजेंसियों के साथ मिलकर दाऊद के अगले मंसूबों पर तहकीकात कर रही है, जिसमें यह खुलासा हुआ कि दाऊद के इशारे पर पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई भी सीधे तौर पर जुड़ी हुई है और वह खालिस्तानी आतंकवादियों और पंजाब के कई गैंगस्टरों को आतंकी फंडिंग कर रही है।
एनआईए के अफसरों की मानें तो इस संबंध में उनके पास कई पुख्ता सबूत हाथ लगे हैं। गौरतलब है कि दाऊद इब्राहिम व आईएसआई के खालिस्तानी आतंकियों के गठजोड़ के पुख्ता सबूत मिलने के बाद नई दिल्ली में इसी सप्ताह एनआईए की एक अहम बैठक बुलाई है। इसमें देश की अन्य जांच एजेंसियों के आला अफसरों के अलावा कई राज्यों की एटीएस के अधिकारी भी शामिल होंगे। इस बैठक में इस गठजोड़ को नेस्तनाबूत करने की अगली योजना तैयार की जायेगी। जिस पर सभी राज्यों की एटीएस समेत देश की सर्वोच्च एजेंसी एनआईए के साथ मिलकर मजबूती से आपरेशन को पूरा करेंगे।





