लखनऊ। उत्तर प्रदेश पुलिस के विशेष जांच दल (एसआईटी) ने आईपीएस अजयपाल शर्मा के खिलाफ एक और जांच शुरु की। डीजीपी मुख्यालय के आदेश पर अजय पाल शर्मा के खिलाफ एक और एसआईटी जांच शुरू की गई।
वहीं एसआईटी की मेरठ यूनिट ने नोएडा के ईकोटेक थाने में दर्ज एफआईआर से जुड़े दस्तावेज हासिल किए। जिसमें 50000 के इनामी अनिल भाटी के मोबाइल से आईपीएस अजय पाल शर्मा के पर्सनल नंबर से चैट के सुबूत मिले थे।
गौरतलब है कि नवंबर 2019 में तत्कालीन एसएसपी वैभव कृष्ण ने निजी कंपनी से रंगदारी में अनिल भाटी को गिरफ्तार किया था। अनिल भाटी के मोबाइल पर अजय पाल शर्मा का पर्सनल नंबर गुरु जी के नाम से सेव था।
इसके अलावा अनिल भाटी और अजय पाल शर्मा के बीच हुई व्हाट्सएप चैट जून 2018 की बताई जा रही है। जेल में बंद सुंदर भाटी के इनामी भतीजे का सीधा संपर्क अजय पाल शर्मा से था। व्हाट्सएप चैट से हुआ खुलासा।
अनिल भाटी के मोबाइल से व्हाट्सएप चैट डिलीट कराने की भी कई बार कोशिश की गई थी। इकोटेक थाने के दीवान ने माल खाने में जमा हुए मोबाइल को निकाल कर प्राप्त की जानकारी।
बता दें, अजय पाल शर्मा के मददगार दीवान के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था। अब पूरे मामले में एसआईटी जांच की सिफारिश हुई थी। 6 महीने तक डीजीपी मुख्यालय में दबी रही आईपीएस और गैंगस्टर के बीच नेक्सस की जांच फाइल। डीजीपी एचसी अवस्थी ने एसआईटी जांच के आदेश दिए। मेरठ यूनिट ने शुरू की जांच।





