नई दिल्ली। जेएनयू परिसर में आरएसएस से संबद्घ अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) द्वारा कथित रूप से लगाए गए पोस्टरों में महिलाओं के छोटे कपड़े पहनने पर प्रतिबंध, विश्वविद्यालय को राष्ट्र विरोधी कामरेडों से बचाने और मांसाहार परोसने वाले भोजनालयों को बंद कराने का वादा किया गया है। हालांकि छात्र संगठन ने इस तरह के पोस्टर जारी करने से साफ इनकार किया है।
वाम दल हमसे डरे हुए हैं
एबीवीपी के सौरभ शर्मा ने कहा, वाम दल हमसे डरे हुए हैं और इसलिए हमारे खिलाफ यह दुष्प्रचार किया जा रहा है। हमने इस तरह का कोई पोस्टर जारी नहीं किया है। पोस्टर सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहे हैं। एबीवीपी के ए कथित पोस्टर उसी दिन सामने आए हैं, जब राजनीतिक रूप से सक्रिय परिसर में जेएनयू छात्र संघ के अहम पदों के लिए मतदान चल रहा है। पोस्टर में लिखा है, रात में लड़कियों के लिए केन्द्रीय पुस्तकालय की समयसीमा में कमी, लड़कियों के लिए सिर्फ भारतीय परिधान और अतिरिक्त छोटे कपड़ों की मनाही, लड़कों के छात्रावास में लड़कियों का प्रवेश पर रोक और जन्मदिन का कोई जश्न नहीं।
मांसाहार परोसने पर प्रतिबंध
यौन उत्पीडऩ एवं छेड़छाड़ के मामलों को रोकने के लिए हमलोग इन सभी उपायों को सुनिश्चित करेंगे। पोस्टर में जो अन्य चुनावी वादे किए गए हैं वे हैं, जेएनयू को आतंकवादियों और राष्ट्र विरोधी कामरेडों से बचाना, जेएनयू परिसर में मांसाहार परोसने पर प्रतिबंध और गंगा ढाबा (परिसर में मौजूद भोजनालय) की समयसीमा को नियंत्रित करना। घोषणापत्र में गंगा ढाबा को वामपंथियों एवं छेड़छाड़ करने वालों का अड्डा बताया गया है। जेएनयू छात्रसंघ चुनाव में एबीवीपी चार अहम पदों पर संयुक्त वाम मोर्चा के खिलाफ चुनाव लड़ रहा है। संयुक्त वाम मोर्चा परिसर में सभी वाम दलों (एआईएसए, एआईएसएफ, डीएसएफ और एसएफआई) का गठबंधन है। मतों की गणना शुक्रवार रात को शुरू होगी और रविवार सुबह नतीजे घोषित होने की संभावना है।





