वरिष्ठ संवाददाता लखनऊ। एचआईवी एड्स की समय पर पहचान हो सके, इसके लिए HIV जांच का दायरा बढ़ाया जायेगा। इसमें कोताही बरतने वाले यानि कम जांच करने वाले केन्द्रों पर सख्ती होगी और ऐसे केन्द्रों की पहचान कर उन्हें नोटिस दिया जायेगा।
यह निर्देश प्रमुख सचिव चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण पार्थ सारथी सेन शर्मा ने प्रदेश एड्स कंट्रोल सोसायटी के अधिकारियों को दिये हैं। उन्होंने कहा कि नेशनल एड्स कंट्रोल आर्गनाइजेशन (नाको) भारत सरकार से प्राप्त लक्ष्य के सापेक्ष जिन केंद्रों का प्रदर्शन कमजोर है, उनकी सूची तैयार की जाये। बेहतर प्रदर्शन न करने वाली सुरक्षा क्लिनिक इकाइयों में से एक चौथाई केंद्रों की नियमित सघन मॉनिटरिंग करते हुए उनका प्रदर्शन सुधारा जाये। सोसायटी के तहत संचालित एकीकृत परामर्श और परीक्षण केंद्रों (ICTC) में से जिन केंद्रों पर वार्षिक जांच की संख्या 300 से कम है, उन्हें नोटिस देते हुए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कर जांच का दायरा बढ़ाने के लिए रणनीति बनाकर कार्य किया जाये।
उन्होंने कहा कि HIV जांच का दायरा बढ़ाने के लिए जरूरी है कि रणनीति बनाकर कार्य किया जाये।
उन्होंने कहा कि सोसायटी स्तर पर रिक्त महत्वपूर्ण सभी पदों विशेषकर प्रतिनियुक्ति वाले पदों को जल्द से जल्द भरने के निर्देश देने के साथ सोसायटी द्वारा संचालित सुरक्षा क्लिनिक पर की जा रहीं गतिविधियों में सुधार लाने को कहा। उन्होंने कहा कि हाईवे पर स्थित ढाबों की मैपिंग की जाए, जिससे ट्रक चालकों आदि को जागरूक किया जा सके और एचआईवी परीक्षण भी हो सके।
जनपदीय स्तर पर जारी बजट के सापेक्ष लंबित उपयोगिता प्रमाणपत्र को जल्द से जल्द प्राप्त कर धनराशियों का समायोजन पूर्ण किया जाये। उन्होंने कहा कि सोसायटी स्तर से प्रदेश में प्रचार-प्रसार गतिविधियों को और बेहतर व प्रभावी बनाने की जरूरत है। वर्तमान में युवाओं मे टैटू बनवाने के क्रेज को देखते हुए टैटू पार्लर में एचआईवी व एड्स के बारे में जागरूकता लाने के साथ ही आवश्यकतानुसार जांच कराए जाने का भी सुझाव दिया।





