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झाल, करताल, ढोलक और जगन्नाथ के जयकारों से गूंजा शहर

राजधानी में जगह-जगह निकली भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा, भक्तों ने भक्ति भाव से खींचा रथ, की पूजा-अर्चना

लखनऊ। जगन्नाथ रथयात्रा के दिन रविवार को राजधानी लखनऊ के मंदिरों में झाल, करताल, ढोलक, ताली और प्रभु जयजगन्नाथ के जयकारों से पूरा शहर गूंज उठा। अमीनाबाद के मारवाड़ी गली में आरती के साथ फेसबुक पर पूजन का लाइव हुआ तो चौक के रानी कटरा में चारों धाम मंदिर से भगवान की पालकी को मंदिर परिसर में घुमाया गया।
डालीगंज के श्री माधव मंदिर में छप्पन भोग के साथ पूजन हुआ। डालीगंज स्थित श्री माधव मन्दिर से श्री जगन्नाथ रथ यात्रा के समय घुमड़ते बादल और धूप की लुका-छिपी के बीच शाम को भक्तों ने बड़े ही हर्षोल्लास के साथ भगवान जगन्नाथ की भव्य रथ यात्रा निकाली। रथ पर बलभद्र और सुभद्रा के साथ विराजमान भगवान जगन्नाथ की झांकी का श्रृंगार बहुत ही सुंदर और भव्य किया गया था। भक्त जयघोष के साथ रथ को श्रद्धापूर्वक और भक्तिभाव से खींचते हुए ले जा रहे थे। इस दौरान रथ यात्रा जहां से भी जा रही थी, लोग भगवान का जगन्नाथ का आशीर्वाद लेकर खुद को धन्य मान रहे थे। भगवान जगन्नाथ को नगर भ्रमण पर भक्तो से मिलने के लिए निकले और भक्तो ने भी दिल खोलकर सुनेरी झड़ूकर फूलो की वर्षा के साथ इत्र के छिड़काव कर जगन्नाथ रथ का स्वागत किया। भगवान जगन्नाथ महाआरती के बाद 56प्रकार के भोग लगाया कर जाएगा रथ पर विराजमान करके लखनऊ महानगर अध्यक्ष आनंद द्विवेदी, उत्तर विधायक डॉ नीरज बोरा, भाजपा वरिष्ठ नेता नीरज सिंह, बिहारी लाल साहू, भारत भूषण गुप्ता, ओमकार जायसवाल, धनश्याम दास अग्रवाल गुड्डा, श्याम साहू, घनश्याम अग्रवाल, गोविन्द साहू, श्याम जी साहू, रथ की रस्सी खींचकर श्रीयात्रा शुभारंभ किया गया। उज्जैन की तर्ज पर डमरू की ध्वनि में गुंजन के साथ रथ के आगे भजन गायक दीपक सिंह ग्रुप श्रीहरि के सामने भजनों की वर्षा करते हुए चल रहे थे। रथ पर विराजे राधा कृष्ण, हनुमान सबको आकर्षित कर रहे थे, नासिक ढोल रथ यात्रा में सबके आगे बजाते हुए उसके पीछे वानर सेवा के जय श्री राम के जयकारे लगा रहे थे। डालीगंज व्यापारियों, भक्तो द्वारा जगह जगह रथ का स्वागत में फूलों की वर्षा, भक्तो को प्रसाद वितरण करते दिख रहे थे। वही प्रसाद में जामुन, मीठे चावल, बूंदी प्रसाद भोग सभी भक्तों को वितरित किया। यात्रा में 15फीट हनुमान रथ यात्रा की फटाका लहराते हुआ, भक्त आरती थाल का नजर आ रहे थे, उपाध्यक्ष भारत भूषण गुप्ता व ओमकार जयसवाल बताया कि इस बार हजार से अधिक लोगो मे लाइव प्रसारण फेजबुक पेज पर देखा। वही राकेश साहू ने बताया कि मोबाइल के शौकीन फोटोग्राफर ने जगन्नाथ रथ यात्रा महोत्सव की यादगार झलकियां अपने मोबाइल में कैद किया। इस अवसर पर अनुराग साहू, दिनेश अग्रवाल, ओमकार जायसवाल, श्याम जी साहू, भारत भूषण गुप्ता, मनोज साहू, राकेश साहू, गोविंद साहू, माया आनन्द उपस्थित रहे।

रविन्द्रालय से निकली इस्कॉन मंदिर की रथयात्रा


लखनऊ। इस्कॉन मंदिर की ओर से चारबाग रविन्द्रालय से शुरू हुई भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा हरिनाम संकीर्तन के साथ शुरू हुई। इसके अलावां प्रवचन एवं कथा देवकी नंदन प्रभुजी, आरती एवं रथयात्रा अपरान्ह 4 बजे से शुरू हुई। रथ यात्रा समापन जहांगीराबाद पैलेस के पास रात्रि 8 बजे किया गया, और दिव्य प्रसादम भंडारा वितरित किया गया। जगन्नाथ जी की रथ यात्रा के दौरान होने वाले मुख्य आकर्षण में अचिंत्यरुपिणी माता जी के दिशा निर्देशन में मुकुंदा रॉक बैंड की प्रस्तुति, हाथी, ऊँट, घोड़ा एवं विशेष साज-सज्जा से बनाये गए रथों पर भगवान जगन्नाथ जी, सुभद्रा महारानी, बलदेव महाराज एवं राम दरबार से यात्रा का विहंगम स्वरुप दिखायी दिया। सम्पूर्ण रथ यात्रा मार्ग में भगवान एवं भक्तों पर पुष्प वर्षा होती रही, और सभी भक्तों का स्वागत चन्दन लगाकर, गुलाबजल एवं इत्र छिड़क कर किया गया। रंगोंलियों के माध्यम से रथ यात्रा मार्ग की सजावट की गयी। सांस्कृतिक कार्यक्रम में इस्कॉन गर्ल्स फोरम की नृत्य प्रस्तुति दी। भगवान के विभिन्न स्वरुप में भक्तों द्वारा नारद मुनि, हनुमान जी आदि के दर्शन हुए। छप्पन भोग के अंतर्गत 256 प्रकार का भोग श्री जगन्नाथ जी को अर्पित किया गया। रथ यात्रा मार्ग में विभिन्न स्थानों पर भक्तों द्वारा भगवान की आरती एवं जलपान वितरण किया गया। रथ यात्रा रविंद्रालय चारबाग से प्रारम्भ होकर बासमंडी चौराहा से हीवेट रोड पर चलकर दाहिने कैंट चौराहा (बर्लिंगटन) से बांये नावेल्टी सिनेमा होते हुए हलवासिया तिराहे से दाहिने हजरातगंज चौराहा होकर वापस चौराहे मुड़कर हलवासिया होते हुए जहांगीराबाद पैलेस लॉन में समाप्त हुई।

भगवान जगन्नाथ ने दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश

लखनऊ। चौपटिया चारों धाम की पालकी रथ यात्रा में आज भगवान जगन्नाथ जी ने लोगों को पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इसी के साथ 151 पेड़ भक्तों में वितरित किए गए। चारों धाम मंदिर में सुबह पूजन के बाद भगवान जगन्नाथ जी ,बलदाऊ भैया, और सुभद्रा माता चांदी की पालकी में सवार होकर भक्तों के द्वार पहुंच गए। क्षेत्र के भ्रमण में निकले भगवान जगन्नाथ जी को भक्तों ने अपने घर के बाहर देखकर भव्य स्वागत किया, आरती उतारी, एवं प्रसाद चढ़ाया। पालकी यात्रा चौपटिया से प्रारंभ होकर दिलाराम बारादरी, नेपियर रोड कॉलोनी, सराय माली खां, होते हुए खेत गली ठाकुर द्वारा आई जहां भगवान ने विश्राम किया। पालकी यात्रा में प्रमुख रूप से लक्ष्मी कांत पांडे, शिव नारायण अग्रवाल, संजय, अभय,आशीष अग्रवाल,रिद्धि किशोर गौड़,राधे तिवारी, मोहित शर्मा, चौक हॉकर यूनियन के अध्यक्ष प्रदीप कुमार, अनिल, आशीष, अमित गौड़, विपिन अवस्थी, संदीप तिवारी,मनोज अग्रवाल,गौरव शुक्ला सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे।

बैंडबाजा, संकीर्तन करते भक्तों के साथ निकली रथयात्रा


लखनऊ। चराचर जगत के पालनहार भगवान जगन्नाथ स्वस्थ होने के बाद भाई बलभद्र, बहन सुभद्रा के साथ रंग बिरंगे फूलों से सुसज्जित रथ पर सवार होकर भक्तों को स्वयं दर्शन देने के लिए नगर भ्रमण पर निकल पड़े यह अद्भुत नजारा रविवार को मोतीनगर स्थित श्री गौडीय मठ के श्रीश्री जगन्नाथ रथयात्रा रहा। श्रीश्री जगन्नाथजी रथयात्रा बैंडबाजों, विशाल डमरूओं की गड़गड़ाहट तथा संकीर्तन करते भक्तों के बीच रथ में विराजमान बलभद्र, बहन सुभद्रा के साथ भगवान जगन्नाथ के विग्रह की एक झलक पाने के लिए श्रद्धालुओं का मार्गों के दोनों ओर जनसैलाब उमड़ पड़ा। इस मौके पर भगवान के रथ को रंग बिरंगे फूलों से सजाया गया था। सुभद्रा, बलभद्र एवं जगन्नाथ जी को रत्नजड़ित पगड़ी, भगवा रंग वस्त्र और रंग बिरंगे फूलों की माला पहने हुए थे। भगवान की काष्ठ प्रतिमाओं को भक्तों ने अपने कंधों पर उठाकर नाचते गाते हुए विशाल रथ पर विराजमान किया। जगन्नाथ रथयात्रा का शुभारंभ समिति के मठाध्यक्ष विधि विधान से पूजा अर्चना कर प्रभु को झूला झुलाते है फिर चंदन कपूर मिश्रित जल छिड़क कर रथ समार्चना कर आरती उतारी। श्री जगन्नाथ के रथ को खींचने का पुण्य लाभ कमाने के लिए भक्तों में होड़ सी मची रही। पुरी की तर्ज पर अवध में निकाली गई जगन्नाथ रथयात्रा के दौरान भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा। भगवान जगन्नाथ पर कई स्थानों पर फूलों की वर्षा की गई। मृदंग की थाप व घंटे घड़ियाल की लय पर झूमते भक्तों ने जय जय जगन्नाथ स्वामी, हरि हरि बोल, राधे राधे के जयकारे लगाते हुए चल रहे थे। पूरी रथयात्रा में पूड़ी, बूंदी, मीठे चावल का प्रसाद वितरण किया गया। यह रथयात्रा श्री गौड़ीय मठ मंदिर मोतीनगर से ऐशबाग रोड, नाका हिण्डोला, बांसमंडी चौराहा, लाटूश रोड, श्रीराम रोड, अमीनाबाद रोड, गणेशगंज से नाका हिण्डोला, आर्यानगर, मोतीनगर चौराहा होते हुए वापस श्री गौड़ीय मठ मंदिर में पहुंचकर समाप्त हुई। रथयात्रा के समापन के बाद मंदिर में भगवान जगन्नाथ जी की मूर्ति के साथ बलराम, बहन सुभद्रा की प्रतिमा स्थापित की गई। मठाध्यक्ष ने बताया कि आपने कई यात्राओं में भाग लिया होगा जैसे- बद्रीनाथ, केदारनाथ, अमरनाथ आदि ये यात्राएं परिश्रम की अपेक्षा रखते है। यदा-कदा इन यात्राओं में प्राकृतिक विपदाएं भी यात्रियों के दिल की विभीषका का स्मरण दिलाकर अनिच्छा पैदा करती है किन्तु भगवान जगन्नाथ रथयात्रा निराली है यहां भगवान जगन्नाथ जी स्वयं मंदिर से निकलकर जनपथ में उतरते है सबको दर्शन देते है। यहां भगवान भक्त के पास दौड़कर जाते हैं जबकि अन्य यात्राओं में भक्त दौड़ता हैं भगवान के पास। भगवान अपने सिंहासन पर विराजमान रहते है भक्त को बुलाते है। इस शोभायात्रा में कोलकाता, उड़ीसा, मुंबई, दिल्ली, कुरूक्षेत्र, मथुरा, वृन्दावन, पटना, मुगलसराय, काशी, प्रयागराज से पधारे अनेक संतजन एवं गणमान्य लोग सम्मिलित होकर भगवान जगन्नाथ जी अपने को समर्पित कर पूजा अर्चना करते हैं।

भगवान जगन्नाथ को लगाया छप्पन भोग:
श्री वैष्णो देवी सेवा संस्थान के तत्वाधान में नवम श्री जगन्नाथ जी रथयात्रा महोत्सव का भव्य आयोजन रविवार को किया गया। यात्रा के संयोजक करुण कृष्णदास करुणेश के द्वारा छप्पन भोग जिसमें 201 प्रकार के व्यंजन एवं मिष्ठान का भोग लगाकर, आरती के पश्चात संकीर्तन मंडली द्वारा हरे रामा हरे कृष्णा, कृष्णा-कृष्णा हरे हरे का भजन करते हुए यात्रा पूर्ण की गई। यात्रा पंडित राम प्रसाद बिस्मिल पार्क से प्रारंभ होकर रूपम टेलर चौराहा बदनाम लड्डू मोहन भोग राशि ज्वेलर्स मार्ग से होकर पुन: अपने प्रारंभ स्थान पर पहुंचने के पश्चात महाप्रसाद का वितरण किया गया।

नासिक की ढोल मंडली ने रथयात्रा का किया स्वागत
लखनऊ। स्व. महन्त शत्रुहन दास रथयात्रा कमेटी के सौजन्य से मन्दिर स्व० लाला सूरजबली हलवाई गारवाड़ी गली, अमीनाबाद से अंगवान जगन्नाथ जी की रथयात्रा (शताब्दिक) 100 वार्षिकोत्सव की शोभा यात्रा आज सायं 4 बजे परम्परागत उल्लास के साथ निकाली गई। यह शोभा यात्रा मारवाड़ी गली, अमीनाबाद से प्रारम्भ होकर गनेशगंज, नाका चौराहा, गुरुद्वारा रोड, बॉसमन्डी, लाटुश रोड, कैसरबाग, नजीराबाद, अमीनाबाद (हनुमान मन्दिर) फर्क होते हुए अपने स्थान पर समाप्त हुई। रथयात्रा में नासिक ढोल मन्डली. बेन्डबाज, आठ विशिष्ठ झाकियों (चन्द्रयान भारत माता, मार्कन्डेय इत्यादि), श्री गोपाल मिश्रा मन्डली द्वारा सुन्दर कान्ड का पाठ, आदि के साथ जयघोष करते हुए भक्तों क समूह का समावेश था। शोभा यात्रा म रथ के सिंहासन पर विराजमान भगवान जगन्नाथजी के स्वरूप में भगवान राम-जानकी, लड्डू गोपाल, कृष्ण-राधाजी” के श्रीविग्रहों का स्थान-स्थान पर प्रसाद, आरती, पुष्पवर्षा, पौशाला आदि के साथ-साथ जयघोषों से स्वागत किया गया। भगवान जगन्नाथजी के रथ का सामान्यजनों एवं भक्तों द्वारा हाथ से खींचा जाना अनुपम छठा बिखेर रहा।

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