लखनऊ। राज्य ललित कला अकादमी, उत्तर प्रदेश की प्रमुख कला गतिविधियों के अंतर्गत कला आचार्य प्रदर्शनी-2026 (लखनऊ -प्रयागराज क्षेत्र) का आयोजन कला निकेतन सोसाइटी, उत्तर प्रदेश एवं आर्टिलिया इंस्टीट्यूट आॅफ फाइन आर्ट्स के संयुक्त तत्वावधान में राज्य ललित कला अकादमी परिसर स्थित लाल बारादरी भवन, लखनऊ में किया गया। प्रदर्शनी का उद्घाटन उत्तर प्रदेश विधान परिषद की संसदीय एवं सामाजिक सद्भाव समिति के माननीय सभापति अनूप कुमार गुप्ता ने किया। कार्यक्रम में भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय, लखनऊ की पूर्व कुलपति प्रो. पूर्णिमा पाण्डेय विशिष्ट अतिथि तथा राज्य ललित कला अकादमी, उत्तर प्रदेश के उपाध्यक्ष गिरीश चंद्र मिश्रा कार्यक्रम अध्यक्ष के रूप में उपस्थित रहे। अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर प्रदर्शनी का शुभारंभ किया।
इस अवसर पर अनूप कुमार गुप्ता ने कहा कि कला अध्यापक समाज की रचनात्मक चेतना के निर्माणकर्ता हैं। जब एक शिक्षक स्वयं कलाकार के रूप में अपनी सृजनात्मक प्रतिभा को सामने लाता है, तो वह विद्यार्थियों के लिए केवल कला का ज्ञान नहीं, बल्कि सृजन की प्रेरणा भी बनता है। ऐसी प्रदर्शनियां कला शिक्षा को नई दिशा देने के साथ-साथ विद्यार्थियों में सौंदर्य-बोध और रचनात्मक दृष्टि विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। प्रो. पूर्णिमा पाण्डेय जी ने कहा कि शिक्षकों द्वारा किया जा रहा कला-सृजन नई पीढ़ी के विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायक है। कला विद्यार्थियों में संवेदनशीलता, सौंदर्य-बोध और रचनात्मक सोच विकसित करने का सशक्त माध्यम है। प्रदर्शनी में लखनऊ -प्रयागराज क्षेत्र के विभिन्न जनपदों के कला शिक्षकों की 56 कलाकृतियां प्रदर्शित की गई हैं। इनमें चित्रकला, ग्राफिक, रेखाचित्र, मूर्तिशिल्प, लोकचित्र एवं छायाचित्र सहित विभिन्न विधाओं और माध्यमों की कृतियां शामिल हैं। श्री राजेंद्र प्रसाद, डॉ. सुनीता शर्मा, प्रो. उमेश कुमार सक्सेना, प्रो. सुनील कुमार सक्सेना, श्री हरिमोहन सिंह, डॉ. अंगद वर्मा, श्री रविंद्र नाथ कुशवाहा सहित अनेक कला शिक्षकों की कृतियां प्रदर्शनी का प्रमुख आकर्षण हैं। उद्घाटन समारोह में वरिष्ठ एवं सेवानिवृत्त कलाकारों, कला शिक्षकों तथा कला प्रेमियों की भी उपस्थिति रही। वरिष्ठ कलाकार मोहम्मद शकील, किरण सिंह राठौड़ सहित अनेक कलाकारों ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया और इस पहल की सराहना की। कार्यक्रम संयोजक एवं राज्य ललित कला अकादमी, उत्तर प्रदेश के सदस्य श्री अभिनव दीप ने बताया कि प्रदर्शनी 1 अक्टूबर 2026 तक प्रतिदिन प्रात: 11:00 बजे से सायं 5:00 बजे तक कला प्रेमियों एवं आम दर्शकों के लिए खुली रहेगी। उन्होंने कहा कि कला आचार्यों की सृजनात्मक प्रतिभा को मंच प्रदान करने वाली यह प्रदर्शनी विद्यार्थियों, युवा कलाकारों और कला प्रेमियों के लिए प्रेरणादायी है।




