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शाह ने इमरान खान की चुप्पी पर उठाए सवाल, पूछा.. भारत कैसे भरोसा करे?

नई दिल्ली। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने पुलवामा आतंकवादी हमले की निंदा ना करने के लिए पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान की शुक्रवार को आलोचना की और कहा कि कैसे भारत उन पर भरोसा कर सकता है। इंडिया टुडे कॉन्क्लेव में शाह ने कहा कि मोदी सरकार पाकिस्तान स्थित आतंकवादियों के खिलाफ अपनी कार्वाई के साथ आतंकवाद के सरगनाओं में डर पैदा करने में कामयाब रही है।

आजादी के बाद से आतंकवाद

उन्होंने कहा, मुझे लगता है कि आजादी के बाद से आतंकवाद से निपटने में हमारी सरकार का ट्रैक रिकॉर्ड सबसे अच्छा रहा है। मोदी के नेतृत्व में भाजपा सरकार के कार्यकाल में सबसे अधिक संख्या में आतंकवादियों का खात्मा किया गया है। शाह ने पुलवामा हमले पर पाकिस्तानी प्रधानमंत्री की चुप्पी पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा, पाकिस्तानी प्रधानमंत्री को कम से कम एक बार पुलवामा हमलों की निंदा करनी चाहिए। हम उनसे किसी और चीज की क्या उम्मीद कर सकते हैं या उन पर कैसे भरोसा कर सकते हैं। शायद स्थिति उनके नियंत्रण में ना हो लेकिन कम से कम एक बार वह निंदा तो कर सकते थे। गौरतलब है कि जम्मू कश्मीर के पुलवामा जिले में 14 फरवरी को जैश-ए-मोहम्मद के एक आत्मघाती हमले में 40 जवान शहीद हो गए थे।

अमित शाह ने यह भी कहा कि

अमित शाह ने यह भी कहा कि विंग कमांडर अभिनंदन वर्तमान की पाकिस्तान से वापसी को मुमकिन बनाना कूटनीतिक जीत है। उन्होंने पाकिस्तान में पकड़े गए पायलट के स्वदेश लौटने से पूर्व यह बयान दिया। पायलट वर्तमान को बुधवार को उस समय पकड़ लिया गया जब उनके मिग 21 विमान को मार गिराया गया और वह नियंत्रण रेखा पार करके पाकिस्तान की ओर उतरे। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने बृहस्पतिवार को संसद में घोषणा की कि वर्तमान को शांति सद्भाव के तौर पर शुक्रवार को रिहा किया जाएगा। शाह ने कहा, पायलट अभिनंदन की इतने कम समय में वापसी को मुमकिन बनाना हमारी कूटनीतिक जीत है।

मैं निश्चित रूप से कह सकता हूं

उन्होंने कहा, मैं निश्चित रूप से कह सकता हूं कि उरी की घटना के बाद सर्जिकल स्ट्राइक और पुलवामा के बाद एयर स्ट्राइक होने से ए संदेश गया है कि अब देश में 2014 से पहले वाली सरकार नहीं है, अब देश में नरेन्द्र मोदी की सरकार है। भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि आतंकवादी हमलों की तारीख हम तय नहीं कर सकते। जब भी आतंकवादी हमला होगा, उसका जवाब दिया जाएगा, ए हमारी सरकार की नीति है। उन्होंने पूछा कि देश की जनता सवाल कर रही है कि 26ा11 के आतंकी हमले का जवाब क्यों नहीं दिया गया? इतनी बड़ी घटना के बाद तब की सरकार ने क्या किया?

कांग्रेस सहित विपक्षी दलों द्वारा सरकार

कांग्रेस सहित विपक्षी दलों द्वारा सरकार पर इस मुद्दे का राजनीतिकरण करने के आरोप के संदर्भ में शाह ने कहा कि पिछले दिनों पाकिस्तानी मीडिया के चेहरे पर हंसी दिखी है, यह हमारे देश के 22 दलों द्वारा पारित प्रस्ताव के बाद हुआ है। इनके प्रस्ताव के बाद पाकिस्तानी मीडिया और वहां की संसद में आनंद का माहौल है। उन्होंने सवाल पूछा कि जब पूरी दुनिया भारत के साथ खड़ी है, तब ए लोग क्यों सवाल उठा रहे हैं? उन्होंने कहा कि उरी की घटना के बाद सर्जिकल स्ट्राइक और पुलवामा की घटना के बाद एयर स्ट्राइक से ए स्पष्ट संदेश जाता है कि देश में अब 2004-14 वाली सरकार नहीं बल्कि 2014-19 वाली मोदी सरकार है जो आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाए हुए है।

हथियार का उपयोग करना अंतिम समाधान

शाह ने कहा कि कभी भी कोई भी लोकतान्त्रिक सरकार ए नहीं मानेगी की हथियार का उपयोग करना अंतिम समाधान है। मगर हथियार का उपयोग न करना भी समाधान नहीं है, जब सामने वाला हथियार का उपयोग कर रहा हो। उन्होंने कहा कि पहले हमने भी पाकिस्तान से शांति से बातचीत की कोशिश की थी, लेकिन जब वे नहीं सुधरे तब मोदी जी और हमारे सैनिकों ने दृढ़ता से उन्हें जवाब दिया है। भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि पूरी दुनिया जानती है, भारत जो आतंकवाद झेल रहा है उसकी जड़ें पाकिस्तान में हैं।

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