लखनऊ। ‘पुस्तकें मन एकाग्र करती हैं। अपने इतिहास और परंपराओं से जोड़ती हैं, जबकि मोबाइल फोन में सब कुछ अच्छा नहीं। ये उद्गार उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने 23वां राष्ट्रीय पुस्तक मेले का उद्घाटन करते हुए व्यक्त किये। बलरामपुर गार्डन, अशोक मार्ग में आज से 11 दिवसीय बुक फेयर प्रारम्भ हो गया। इस अवसर पर ईशा- मीशा रतन की कथक प्रस्तुति हुई। वंदे मातरम् के डेढ़ सौ वर्षों की थीम को समर्पित मेले का भ्रमण करने के उपरांत उपमुख्यमंत्री ने युवाओं का पुस्तक मेले में आने का आह्वान करते हुए कहा कि एक अच्छा लेखक होने के लिए अच्छा पढ़ने वाला होना भी जरूरी है। रामविलास शर्मा, निराला और टैगोर के रचना कर्म का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि लेखक समाज को दिशा दिखाता है। इससे पहले संयोजक मनोज सिंह चंदेल और निदेशक आकर्ष चंदेल ने अतिथियों का स्वागत करते हुए आयोजन की निरंतरता और 23 सालों की उपलब्धियों की चर्चा की। इसके उपरांत मंच पर रतन सिस्टर्स ईशा-मीशा रतन ने युगल नृत्य की शुरूआत राम वंदना- श्री राम चन्द्र कृपालु भजमन… से की। इसके उपरांत शुद्ध पक्ष का कथक और कसक मसक जैसी बारीकियों से भरे तराने का आगाज- गुंचा है गुल है सब्जा है…. शेर से की। समापन में हाल ही में सुप्रसिद्ध गायक हरिहरन के गाए वंदे मातरम् के साथ की नृत्य प्रस्तुति की झलकियां दिखायीं। लगभग 75 हजार वर्ग फीट में फैले पुस्तक मेले में 50 से अधिक प्रतिष्ठित प्रकाशकों व वितरकों के 120 से अधिक स्टॉल हैं। मेले में हिंदी, अंग्रेजी और अन्य क्षेत्रीय भाषाओं में साहित्य, शैक्षणिक पुस्तकें, बाल साहित्य और दुर्लभ पुस्तकों का संग्रह उपलब्ध है। मेले में दिल्ली से प्रभात प्रकाशन, राजपाल एंड संस, वाणी प्रकाशन, भारतीय ज्ञानपीठ, अन्बाउंड स्क्रिप्ट, सस्ता साहित्य मंडल, सम्यक प्रकाशन, सामयिक प्रकाशन, वेलायत पब्लिकेशन्स, ग्रीन पाम, फ्लाईड्रीम्स, ईएचएफ लर्निंग, ऋषभ बुक्स, नय्यर बुक, भारतीय कला प्रकाशन, स्टूडेंट बुक सेंटर, यशिका एंटरप्राइजेज, आर्यन बुक, रितेश बुक, बेस्ट बुक, पदम बुक, ज्योति बुक्स व शिवांगी बुक इंटरनेशनल, त्रिदेव बुक्स, परिमल पब्लिकेशन, वर्धमान बुक्स, ऋषि पब्लिकेशन के साथ नोएडा से मंजुल पब्लिशिंग, सेतु प्रकाशन, रेख्ता पब्लिकेशन्स और गाजियाबाद से न्यू बुक और वर्मा बुक, लोकभारती प्रकाशन प्रयागराज; उपकार, प्रतियोगिता दर्पण, उससाहित्य सरोवर व निखिल पब्लिशर्स आगरा; दिनकर पुस्तकालय भागलपुर; आॅथर्स अड्डा; गिडियंस इंटरनेशनल; लिंक लिमिटेड और पैराडाइज बुक कंपनी रायपुर के स्टाल हैं। साथ ही उ.प्र.हिन्दी संस्थान, उ.प्र.उर्दू अकादमी, रामकृष्ण मठ, ज्ञानार्ची बुक्स, नवपल्लव बुक्स, बोधरस प्रकाशन, आर्य प्रतिनिधि सभा, द इंटेलेक्चुअल्स, उ.प्र.साहित्य सभा, हिन्दी वांग्मय निधि, सत्य मार्ग प्रकाशन, गायत्री ज्ञान मंदिर, हेल्थ केयर सिस्टम्स व देवेंद्र बुक के स्टाल भी सजे हैं।
कल से मंच पर साहित्यक आयोजनों का सिलसिला भी शुरू हो जायेगा। रोज सुबह 11 बजे से रात नौ बजे तक जारी इस मेले में खरीदी गई हर पुस्तक पर कम से कम 10 प्रतिशत की छूट मिलेगी। पुस्तक मेले के सहयोगी संस्थान यूपी मेट्रो, रेडियोसिटी, ओरिजिंस, किरण फाउंडेशन, ज्वाइन हैंड्स फाउंडेशन, लोकआंगन, विश्वम् फाउंडेशन्स, विजय स्टूडियो, गोल्डेन ग्रास और कविता किस्से कहानियां हैं।
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आज होगा शैलेन्द्र जसराज की दो नवीन पुस्तकों का लोकार्पण
लखनऊ। फ्लाईड्रीम्स पब्लिकेशन के तत्वावधान में बलरामपुर गार्डन, अशोक मार्ग में आयोजित राष्ट्रीय पुस्तक मेले के मुख्य मंच पर 2 अक्टूबर (शुक्रवार) को दोपहर 3:00 बजे लेखक शैलेन्द्र जसराज की दो नवीनतम पुस्तकों—’कोई गीत सुबह के गाता है’ और ‘कहानी फिर कभी’—का भव्य लोकार्पण किया जाएगा। इस अवसर पर विश्वविद्यालय और शोध संस्थान के प्रमुख शिक्षाविद् एवं वैज्ञानिक विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगे। कार्यक्रम में लखनऊ यूनिवर्सिटी के सीनियर प्रोफेसर और वैज्ञानिक डॉ. मुरली मनोहर वर्मा (फिजिक्स डिपार्टमेंट) तथा सेन्ट्रल ड्रग रिसर्च इंस्टीट्यूट, लखनऊ के अवकाश प्राप्त संयुक्त निदेशक डॉ. विजय नारायण तिवारी विशिष्ट अतिथि के रूप में शिरकत करेंगे। समारोह दोपहर 3:00 बजे से 4:00 बजे तक बलरामपुर गार्डन के मेन स्टेज पर आयोजित होगा। पब्लिकेशन एवं लेखक की ओर से शहर के सभी साहित्य प्रेमियों, शिक्षकों एवं प्रबुद्धजनों को लोकार्पण समारोह में उपस्थित रहने का निमंत्रण दिया गया है।




