हास्य-व्यंग्य के जरिए शादीशुदा जिंदगी पर कसा तंज
लखनऊ। यूपी की राजधानी लखनऊ में आयोजित तीन दिवसीय गांधी जयंती नाट्य महोत्सव-2026 के 36वें वार्षिक समारोह के दूसरे दिन शनिवार शाम गांधी भवन प्रेक्षागृह में हास्य-व्यंग्य एवं सामाजिक सरोकारों से ओतप्रोत नाटक एक अदद बीवी का प्रभावशाली मंचन किया गया। मुंबई की चर्चित फिल्म एवं थिएटर संस्था एबीएसएस थिएटर ग्रुप तथा अखिल भारतीय सांस्कृतिक संस्थान (एबीएसएस), लखनऊ के कलाकारों ने अपने सशक्त अभिनय और जीवंत प्रस्तुति से दर्शकों को नाटक की कहानी से अंत तक जोड़े रखा। हास्य के साथ सामाजिक संदेश से भरपूर नाटक ने दर्शकों को खूब गुदगुदाया और वैवाहिक जीवन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर सोचने के लिए भी प्रेरित किया।
नाटक एक अदद बीवी का लेखन एवं निर्देशन वरिष्ठ रंगकर्मी, नाट्य लेखक, निर्देशक एवं अभिनय प्रशिक्षक राजेंद्र तिवारी ने किया है। लखनऊ निवासी राजेंद्र तिवारी चार दशकों से अधिक समय से रंगमंच के माध्यम से भारतीय संस्कृति और रंगकला के प्रचार-प्रसार में निरंतर सक्रिय हैं। पिछले दो दशकों से मुंबई में एबीएसएस थिएटर ग्रुप का संचालन करते हुए उन्होंने लखनऊ से मुंबई तक 5,000 से अधिक कलाकारों को नाट्य एवं अभिनय प्रशिक्षण प्रदान किया है। उनके मार्गदर्शन में प्रशिक्षित 250 से अधिक कलाकार आज फिल्म और टेलीविजन धारावाहिकों में कार्य कर रहे हैं। राजेंद्र तिवारी के निर्देशन में प्रस्तुत इस नाटक में हास्य और व्यंग्य के माध्यम से मानवीय रिश्तों तथा वैवाहिक जीवन की परिस्थितियों को रोचक अंदाज में प्रस्तुत किया गया, जिसे दर्शकों की भरपूर सराहना मिली।
नाटक की कहानी यह नाटक पूर्णत: हास्य एवं कल्पनाओं पर आधारित है। जिसमें व्यंग्यात्मक भावों का प्रयोग किया जाता है। एक होटल की कहानी है, जिसमें नौकर और मालिक दोनों 6झ्र6 महीने पर आपस में जिम्मेदारियाँ बदलते रहते हैं। दोनों अविवाहित है। इसलिए लोग उन्हें विवाह कराने का आश्वासन देकर फ्री में चाय पी जाते हैं। एक दिन एक लड़की आती है, जो फिल्मों में हीरोइन बनने का सपना लेकर आई है। होटल मालिक से कमरा किराए पर देने का आग्रह करती है तभी एक फिल्मी फ्राडिया उसे मिल जाता है और उस लड़की को फिल्मों में काम दिलाने के बहाने से उसे लूट लेना है। वो लड़की दोबारा उसे होटल के मालिक पर विश्वास करते हुए वापस उसी होटल में आती है जहां होटल का मालिक उस होटल पर है ही नहीं क्योंकि उसने किसी गुंडे से कर्जा लिया था जिसमें वो गुंडे आकर उस होटल पे कब्जा कर लिए हैं लेकिन उस लड़की को देखते ही उसके अंदर दया की भावना उत्पन्न हो जाती है और वो गुंडी उस लड़की के लिए उस होटल के मालिक को बुलवाती है और उस लड़की को सहारा देने का आश्वासन देकर उसकी शादी करती है तथा उस होटल मालिक से खुद शादी कर लेती है। नाटक में क्रिएटिव डायरेक्टर में निष्ठा तिवारी एवं सहायक निर्देशक की भूमिका अश्वनी कुमार शुक्ला ने निभाई। आर्यन सिंह, देविका पटेल, अक्षरिका दास, मोनिका भारती, संदीप मिश्रा, शिव शेट्टी, ललित पांडे, आर्यन सिंह, शिवम भारद्वाज, रतिकान्त दास, आदर्श मिश्रा, राजपति साहू और सचिन यादव समेत कलाकारों ने विभिन्न भूमिकाओं को जीवंत किया। संस्था के अध्यक्ष अश्वनी कुमार शुक्ला की अगुवाई में आयोजित महोत्सव में स्थानीय रंगकर्मियों ललित पांडे, संदीप मिश्रा, गणेश रावत, अमित तिवारी, राकेश वर्मा, अश्वनी विश्वकर्मा, राकेश तिवारी, दिलकश रिजवी, अंजना तिवारी, केके अवस्थी, अमरेन्द्र सहाय और इकबाल सहित अन्य सहयोगियों की सक्रिय भूमिका रही। एक अदद बीबी ने हास्य व्यंग्य के माध्यम से दर्शकों को खूब गुदगुदाया और आपसी भाईचारे, प्रेम एवं सौहार्द बनाए रखने का संदेश दिया।




