नयी दिल्ली। जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के दो अक्तूबर को प्रस्तावित प्रदर्शन का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि देश में जवाबदेही और चुनावी प्रक्रिया में सुधार के प्रयासों का समर्थन किया जाना चाहिए।
हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि वह प्रदर्शन के दौरान संभवतः व्यक्तिगत रूप से मौजूद नहीं रहेंगे। वांगचुक ने रविवार को कहा कि लोकतांत्रिक देश के लिए चुनावी प्रक्रिया सबसे महत्वपूर्ण आवश्यकताओं में से एक है और इसमें सुधार की जरूरत है। उन्होंने कहा कि अगर चुनावी प्रक्रिया ही प्रभावित हो जाए तो लोकतंत्र में फिर क्या बचता है?
वांगचुक ने कहा, देश में जवाबदेही बेहतर करने के लिए जो भी प्रयास होंगे, मैं हमेशा उनके साथ हूं। मेरे लिए आंदोलनों का समर्थन करने का मकसद यही है कि ये आंदोलन अपने दम पर आगे बढ़ें। अब इस मुद्दे को लेकर कई लोग सामने आ गए हैं और यह देखकर मुझे खुशी है, इसलिए मैं उम्मीद करता हूं कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त से जुड़े इस मुद्दे पर मेरी जरूरत नहीं पड़ेगी। लद्दाख को छठी अनुसूची में शामिल किए जाने के सरकार के वादे का जिक्र करते हुए वांगचुक ने कहा कि सरकारों द्वारा किए गए वादे पूरे किए जाने चाहिए।
दीपके का दावा- असम पुलिस ने कॉजपा नेताओं काे पकड़ा
कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने रविवार को दावा किया कि असम पुलिस ने संगठन के सह-संयोजक आशुतोष रांका और कई समर्थकों को हिरासत में लिया और उन्हें किसी अज्ञात स्थान पर ले गई। दीपके ने कहा कि यह कार्रवाई ‘स्वयंसेवियों से मुलाकात’ कार्यक्रम से पहले की गई।
रांका एक दिन पहले गुवाहाटी पहुंचे थे और कॉजपा समर्थकों से मुलाकात करने वाले थे। दीपके ने दावा किया कि संगठन के नेताओं को बैठक करने से रोक दिया गया। वहीं, पुलिस द्वारा ले जाए जाते समय रांका ने कहा कि असम के मुख्यमंत्री ‘बेनकाब होने से डर रहे हैं।’




