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मायावती ने पहले चरण में ईवीएम में गड़बड़ी के आरोप लगाए

लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी की सुप्रीमो मायावती ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश की आठ लोकसभा सीटों के लिए गुरुवार को हुए मतदान के दौरान ईवीएम गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए चुनाव आयोग से इन अनियमितताओं का पूरी गंभीरता से संज्ञान लेकर समाधान निकाले की मांग की है।

शुक्रवार को जारी एक बयान में कहा

मायावती ने शुक्रवार को जारी एक बयान में कहा कि कल पहले चरण के मतदान के दौरान वह दक्षिण भारत के चुनावी दौरे पर थीं। तभी उन्हें सूचना मिली कि उत्तर प्रदेश की पुलिस व प्रशासन अपनी ताकत का दुरुपयोग कर रहा है। अनेकों बूथों में ईवीएम में गड़बड़ी मिली है। इसका नतीजा था कि बटन तो हाथी (बसपा) का दबाया जा रहा था पर वोट कमल (भाजपा) पर पड़ रहा था। उन्होंने कहा कि बसपा ने तुरंत इसकी सूचना मुख्य चुनाव आयुक्त, नई दिल्ली तथा अन्य सभी संबंधित प्राधकारों को लिखित एवं दूरभाष के जरिए दे दी थी।

मायावती ने आरोप लगाया कि…

मायावती ने आरोप लगाया कि ईवीएम में हुई गड़बड़ी बेहद गंभीर थी। हाथी का बटन दबाने पर वोटभाजपा के खाते में पड़ रहे थे। ऐसा कई बार हुआ। बयान में कहा गया है कि इस तरह की एक घटना बिजनौर लोकसभा क्षेत्र में मीरापुर विधानसभा की कसौली बूथ नं 16 पर भी हुई। बूथ पर बसपा के पोलिंग ऐजेन्ट ने जब अपना वोट हाथी को डाला तो वह कमल पर पड़ा। शिकायत करने पर वहां मौजूद सरकारी पर्यवेक्षकों ने माना की मशीन में गड़बड़ी है।

बल प्रयोग भी हुआ

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कई मतदान केन्द्रों पर दलितों को बूथ पर जाने से रोका गया। बल प्रयोग भी हुआ। इन गंभीर घटनाओं के संबंध में पार्टी की तरफ से महायचिव सतीश चन्द्र मिश्र ने चुनाव आयोग और उप्र पुलिस महानिदेश से शिकायत की है। इससे पहले मायावती ने आज ट्वीट किया था, सत्ताधारी बीजेपी को इस लोकसभा चुनाव में आमजनता द्वारा बुरी तरह से नकारे जाने का ही परिणाम है कि अब। बीजेपी वोट से नहीं बल्कि नोटों से। ईवीएम की धांधली से। पुलिसाप्रशासन तंत्र के दुरुपयोग से।

धांधलियों से चुनाव जीतना चाहती

ईवीएम में चुनाव कर्मचारियों से ही बटन दबवाकर आदि धांधलियों से चुनाव जीतना चाहती है। उन्होंने लिखा है, यदि देश के लोकतंत्र में आमजनता की आस्था को बचाए रखना है तो फिर चुनाव आयोग की यह संवैधानिक जिम्मेदारी बनती है कि वह इन बातों को गंभीरतापूर्वक संज्ञान ले और तत्काल आवश्यक उपाय करे ताकि अगले सभी चरण के चुनाव स्वतंत्र व निष्पक्ष हो सके।

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