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डा. प्रीति कबीर के काव्य-संग्रह, सबके राम का लोकार्पण

काव्य-संग्रह में भक्तिभाव से परिपूर्ण सुन्दर कविताओं का सृजन किया
लखनऊ। साहित्यिक एवं सांस्कृतिक संस्था शब्द की ओर से डॉ. प्रीति कबीर के काव्य-संग्रह, सबके राम का लोकार्पण एवं सम्मान समारोह गोमती नगर स्थित एक होटल में हुआ। समारोह की अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार इंजीनियर उदयभान पाण्डेय ‘भान’ ने की। समारोह में इंजीनियर देवकीनंदन ‘शान्त’, नरेश अग्रवाल, पद्मा गिडवानी एवं मृतुञ्जय गुप्ता को शब्द श्री सम्मान मुख्य अतिथि मनीष श्रीवास्तव व संस्था संस्थापिका प्रीति कबीर ने दिया।
इं उदयभान पाण्डेय ने कहा कि कवयित्री ने मयार्दा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के बहुआयामी व्यक्तित्व एवं विशिष्टता को रेखांकित करते हुए इस काव्य-संग्रह में भक्तिभाव से परिपूर्ण सुन्दर कविताओं का सृजन किया है। जैसा कि पुस्तक के शीर्षक से स्पष्ट है, राम किसी एक व्यक्ति विशेष के नहीं हैं, वे सभी के हैं, कण-कण में व्याप्त हैं। भारतवर्ष में ही नहीं पूरे विश्व में उनके नाम का डंका बज रहा है। उन्होंने कहा कि राम ऊर्जा हैं, राम विवाद नहीं, समाधान हैं। इन्हीं मनोभावों के साथ कवयित्री ने श्रीराम के प्राकट्य, बालपन, अयोध्या में पुनरागमन आदि विषयों को उजागर करते हुए सुन्दर भक्ति-रचनायें की है। लेखिका डा. प्रीति कबीर, देवकी नन्दन शांत, पद्मा गिडवानी ने काव्य संग्रह की रचनाओं का सस्वर पाठ किया।

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