लखनऊ। कथा रंग फाउंडेशन की ओर से अंतरराष्ट्रीय बौद्ध संस्थान प्रेक्षागृह में कहानी एवं लोककथा वाचन का विशेष आयोजन किया गया। साहित्य और लोकसंस्कृति को समर्पित इस कार्यक्रम में विभिन्न रचनाकारों की कहानियों और अवधी लोककथा का जीवंत वाचन किया गया। कार्यक्रम में मन्नू भंडारी की चर्चित कहानी अकेली का वाचन डा. मालविका त्रिवेदी एवं पुनीता अवस्थी ने किया। वहीं विवेक मिश्रा की कहानी घड़ा का वाचन नूतन वशिष्ठ एवं अनमोल मिश्रा ने किया। वरिष्ठ पत्रकार आशुतोष शुक्ला की कहानी गैया-गैया का बच्चा का वाचन अनुपमा शरद एवं अनवारूल हसन ने किया। इसके साथ ही कन्नौजी लोककथा सेर कतंती का वाचन डा अपूर्वा अवस्थी और अर्चना त्रिपाठी ने किया। अवधी लोककथा आलसी का खेत का वाचन अर्चना सारंग और कौन्तेय जय ने किया। मुख्य अतिथि डा.राम बहादुर मिश्र ने कहा कि आधुनिक कहानी के साथ अवधी लोककथा और कन्नौजी लोककथा की प्रस्तुति ने कार्यक्रम में साहित्य और लोकसंस्कृति के विविध रंगों को उभारा। इस अवसर पर हिंदी , भोजपुरी के लेखक सूर्यदेव पाठक की पुस्तक बेच रहा ईमान का विमोचन भी किया गया। फाउण्डेशन की अध्यक्ष नूतन वशिष्ठ ने बताया कि कार्यक्रम में साहित्यप्रेमियों, कलाकारों और संस्कृति-सरोकार रखने वाले लोगों की उत्साहपूर्ण सहभागिता रही।




