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भारत के ब्रांड एंबेसडर हैं प्रवासी भारतीय, देश की क्षमताओं के प्रतीक भी: मोदी

वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को प्रवासी भारतीयों को भारत का ब्रांड एंबेसडर बताते हुए कहा कि वे देश की क्षमताओं के प्रतीक हैं। प्रधानमंत्री ने अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी में 15वें प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन के उद्घाटन के दौरान यह बात कही। उन्होंने यहां मौजूद लोगों से कहा, मैं प्रवासी भारतीयों को भारत का ब्रांड एंबेसडर मानता हूं। वे हमारी क्षमताओं और योग्यताओं का प्रतीक हैं।

स्थिति को सुधारने के लिए कदम उठाए

मोदी ने कहा, भारतीय मूल के लोग मॉरीशस, पुर्तगाल और आयरलैंड जैसे देशों में नेतृत्व कर रहे हैं। मोदी ने राजीव गांधी की उस टिप्पणी का उल्लेख किया जिसमें उन्होंने कहा था कि एक रुपए में से महज 15 पैसे ही लोगों तक पहुंच पाते हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने इस बर्बादी को रोकने के लिए कुछ नहीं किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने स्थिति को सुधारने के लिए कदम उठाए। कांग्रेस शासन के दौरान हो रही 85 फीसदी की लूट पर प्रौद्योगिकी के जरिए 100 प्रतिशत रोक लगा दी गई। मोदी ने कहा, हमने 5,80,000 करोड़ रुपए लोगों को दिए, जो विभिन्न परियोजनाओं के तहत उनके बैंक खातों में अंतरित किए गए।

अगर देश पुरानी व्यवस्था के अनुसार चल रहा होता?

सोचिए, अगर देश पुरानी व्यवस्था के अनुसार चल रहा होता? तो 4,50,000 करोड़ रुपए गायब हो जाते। कांग्रेस पर हमले जारी रखते हुए उन्होंने कहा इस लीकेज को पहले ही रोका जा सकता था लेकिन ऐसा करने की कोई मंशा और इच्छाशक्ति ही नहीं थी। उन्होंने कहा, हमारी सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए कदम उठा रही है कि विभिन्न योजनाओं के तहत वित्तीय सहायता सीधे लाभार्थियों के खातों में पहुंचे। समारोह के मुख्य अतिथि मॉरीशस के प्रधानमंत्री प्रविंद जगन्नाथ ने स्किल इंडिया और बेटी बचाओ बेटी पढाओ जैसी योजनाओं के माध्यम से भारत में लाए परिवर्तन के लिए प्रधानमंत्री मोदी की सराहना की।

ऊर्जा को बढ़ावा देने और अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन

उन्होंने स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने और अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन की स्थापना के लिए मोदी के वैश्विक स्तर पर नेतृत्व को भी सराहा। जगन्नाथ ने अपने देश में अगले महीने भगवद गीता महोत्सव और अगले साल भोजपुरी उत्सव का आयोजन करने की घोषणा भी की। पहली बार यह सम्मेलन नौ जनवरी की बजाय 21 से 23 जनवरी के बीच तीन दिन के लिए आयोजित किया जा रहा है, ताकि यहां आने वाले लोग प्रयागराज में कुम्भ मेले और फिर राष्ट्रीय राजधानी में गणतंत्र दिवस परेड कार्यक्रम में शिरकत कर सकें। प्रधानमंत्री कार्यालय ने एक बयान में कहा कि इस वर्ष सम्मेलन का विषय नए भारत के निर्माण में भारतवंशियों की भूमिका है।

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