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वायुसेना मरने वालों की गिनती नहीं करती, सरकार बताएगी संख्या: वायुसेना प्रमुख

कोयम्बटूर। बालाकोट हमले में मारे गए आतंकवादियों की संख्या के बारे में चल रही चर्चा के बीच वायुसेना प्रमुख बी एस धनोआ ने सोमवार को कहा कि इस बारे में जानकारी सरकार देगी और वायुसेना केवल यह देखती है कि निशाना लगा या नहीं।

भारतीय वायुसेना के हमले में मारे गए

26 फरवरी को पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में बालाकोट स्थित जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी शिविर पर भारतीय वायुसेना के हमले में मारे गए आतंकियों की संख्या पर अस्पष्टता के बीच धनोआ ने कहा कि वायु सेना मरने वालों की गिनती नहीं करती। सरकारी सूत्रों ने कहा था कि हमले में 350 आतंकवादी मारे गए जबकि भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि हमले में 250 आतंकी मारे गए। मीडिया की कुछ खबरों में कहा गया है कि बहुत कम नुकसान हुआ और विपक्षी नेताओं ने स्थिति साफ करने की मांग की। लेकिन, इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। धनोआ ने कहा, हम मरने वालों की गिनती नहीं करते। हम बस इतना गिनते हैं कि कितने ठिकानों पर निशाने लगे और कितनों पर नहीं। बालाकोट स्थित जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी शिविर पर भारतीय वायुसेना के हमले के बाद आई यह उनकी पहली टिप्पणी है।

पाकिस्तान द्वारा गिरफ्तार किए गए विंग कमांडर

इस सवाल पर कि पाकिस्तान द्वारा गिरफ्तार किए गए विंग कमांडर अभिनंदन वर्द्धमान क्या भविष्य में फिर लड़ाकू विमान उड़ाएंगे, उन्होंने कहा, अगर वह स्वस्थ होंगे तो विमान उड़ाएंगे। गौरतलब है कि पाकिस्तानी सेना ने 27 फरवरी को विंग कमांडर अभिनंदन को तब हिरासत में ले लिया था जब पाकिस्तान के एफ-16 विमान को मार गिराने के बाद उनका मिग-21 भी गिर पड़ा और वह गलती से पैराशूट के जरिए पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में उतर गए थे। पाकिस्तान ने एक मार्च को ही अभिनंदन को रिहा किया है। पुलवामा में 14 फरवरी को सीआरपीएफ के काफिले पर हमले के 12 दिन बाद बालाकोट हमले के बारे में चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि वायु सेना यह बताने की स्थिति में नहीं है कि कितने लोग मारे गए।

वायुसेना प्रमुख ने कहा कि

वायुसेना प्रमुख ने कहा कि अभियान के बाद क्षति आकलन में केवल उन लक्ष्यों की गिनती की जाती है, जिनपर निशाना लगा और जिनपर नहीं । धनोआ ने कहा, हम मरने वालों की गिनती नहीं करते। हम बस इतना गिनते हैं कि कितने ठिकानों पर निशाने लगे और कितनों पर नहीं। पाकिस्तान के पिछले सप्ताह भारत के खिलाफ एफ-16 विमान का इस्तेमाल करने के सवाल पर धनोआ ने कहा कि मुझे नहीं पता कि इसके इस्तेमाल को लेकर अमेरिका और पाकिस्तान के बीच क्या समझौता है। अगर समझौता यह है कि उसका आक्रामक उद्देश्य के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा सकता तो मुझे लगता है कि उन्होंने समझौते का उल्लंघन किया है। उन्होंने कि भारत के पास एएमआरएएम मिसाइल के टुकड़े हैं, जो उसने दिखाए हैं। धनोआ ने कहा, निश्चित रूप से, मुझे लगता है कि वह संघर्ष में ए-16 विमान गंवा बैठा है। तो निश्चित रूप से वह विमान का इस्तेमाल कर रहे थे।

उनके अनुसार भारतीय वायु सेना

उनके अनुसार भारतीय वायु सेना ने बालाकोट के जंगल में बम गिराए तो पाकिस्तान को इसका जवाब देने की जरूरत नहीं थी। उन्होंने कहा कि राफेल लड़ाकू विमान के सितंबर तक आ जाने की उम्मीद है। उन्होंने कहा, हां, हम नया विमान शामिल करने वाले हैं और यही कारण है कि हमने 36 राफेल विमानों के लिए अनुबंध पर दस्तखत किया है। वायुसेना प्रमुख ने कहा कि जगुआर, मिग-29 और मिराज 2000 विमानों की जगह तेजस एमके-2 लेगा और फिर अगला कदम अत्याधुनिक मध्यम श्रेणी के लड़ाकू विमानों को शामिल करने का होगा । राफेल विमान के उपलब्ध होने पर स्थिति कुछ और होने के प्रधानमंत्री के बयान पर उन्होंने कहा, माननीय प्रधानमंत्री ने बयान दिया है। मैं उस पर कोई टिप्पणी नहीं करूंगा।

धनोआ ने पत्रकारों से कहा

धनोआ ने कहा कि जब शत्रु हमला करता है तो जवाब देने के लिए हर मौजूद विमान का इस्तेमाल किया जाता है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी विमान का मुकाबला करने के लिए इस्तेमाल किया गया मिग-21 विमान आधुनिक हथियार प्रणाली से लैस एक उन्नत विमान था। धनोआ ने पत्रकारों से कहा, मिग-21 बाइसन हमारे इन्वेंट्री का हिस्सा है, तो उसका इस्तेमाल क्यों ना हो? मैं मौजूदा अभियानों पर कोई टिप्पणी नहीं करूंगा क्योंकि वे जारी हैं। मिग-21 सक्षम है। वह उन्नत और आधुनिक हथियार प्रणाली, बेहतर रडार, बेहतर हवा से हवा में वार करने वाली मिसाइल… उन सभी से लैस है जो इसे तीसरी पीढ़ी से 3.5 पीढ़ी का विमान बनाता है। उन्होंने कहा कि वह राजनीति पर कोई टिप्पणी नहीं कर सकते लेकिन अभिनंदन की घर वापसी से खुश हैं।

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